tag:blogger.com,1999:blog-36899245.post7807195326843079491..comments2009-02-12T12:52:48.527+05:30Comments on चुप रहना यानि सच को झुठलाना: नव वर्ष आपके लिए सुखद,स्वस्थ और समृध्द हो।Anil Sinhahttp://www.blogger.com/profile/13340040809737389788noreply@blogger.comBlogger5125tag:blogger.com,1999:blog-36899245.post-29924130112894688892009-02-12T12:52:00.000+05:302009-02-12T12:52:00.000+05:30free telugu cinema songs downloads,free telugu mov...free telugu cinema songs downloads,free telugu movies,ap poltics,<BR/>pawan kalyan,chiranjeevi photos,telugu movies, telugu songs, telugu cinema, telugu news, <BR/>actress photos, movie reviews, actors and actress pictures, videos, wallpapers, <BR/>chiranjeevi big wallapers,chiranjeevi big photos.www.vebtoday.comgithahttp://www.blogger.com/profile/02664301362319648349noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-36899245.post-90680731619357761722007-01-01T01:44:00.000+05:302007-01-01T01:44:00.000+05:30नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं मित्रवर। भगवान करे यह...नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं मित्रवर। भगवान करे यह वर्ष आपके जीवन में खुशियों तथा संभावनाओं के नए द्वार खोले।श्रीश । ई-पंडितhttp://epandit.wordpress.com/noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-36899245.post-53863128395773602702006-12-31T21:57:00.000+05:302006-12-31T21:57:00.000+05:30[http://samatavadi.wordpress.com/2006/12/31/poem-r...[http://samatavadi.wordpress.com/2006/12/31/poem-rajan/] <br />मैं जितने लोगों को जानता हूँ<br />उनमें से बहुत कम लोगों से होती है मिलने की इच्छा<br />बहुत कम लोगों से होता है बतियाने का मन<br />बहुत कम लोगों के लिए उठता है आदर-भाव<br />बहुत कम लोग हैं ऐसे<br />जिनसे कतरा कर निकल जाने की इच्छा नहीं होती<br />काम-धन्धे, खाने-पीने, बीवी-बच्चों के सिवा<br />बाकी चीजों के लिए<br />बन्द हैं लोगों के दरवाजे<br />बहुत कम लोगों के पास है थोड़ा-सा समय<br />तुम्हारे साथ होने के लिए<br />शायद ही कोई तैयार होता है<br />तुम्हारे साथ कुछ खोने के लिए<br /><br />चाहे जितना बढ़ जाय तुम्हारे परिचय का संसार<br />तुम पाओगे बहुत थोड़े-से लोग हैं ऐसे<br />स्वाधीन है जिनकी बुद्धि<br />जहर नहीं भरा किसी किस्म का जिनके दिमाग में<br />किसी चकाचौंध से अन्धी नहीं हुई जिनकी दृष्टि<br />जो शामिल नहीं हुए किसी भागमभाग में<br />बहुत थोड़े-से लोग हैं ऐसे<br />जो खोजते रहते हैं जीवन का सत्त्व<br />असफलताएं कर नहीं पातीं जिनका महत्त्व<br />जो जानना चाहते हैं हर बात का मर्म<br />जो कहीं भी हों चुपचाप निभाते हैं अपना धर्म<br />इने-गिने लोग हैं ऐसे<br />जैसे एक छोटा-सा टापू है<br />जनसंख्या के इस गरजते महासागर में<br /><br />और इन बहुत थोड़े-से लोगों के बारे में भी<br />मिलती हैं शर्मनाक खबरें जो तोड़ती हैं तुम्हें भीतर से<br />कोई कहता है<br />वह जिन्दगी में उठने के लिए गिर रहा है<br />कोई कहता है<br />वह मुख्यधारा से कट गया है<br />और फिर चला जाता है बहकती भीड़ की मझधार में<br />कोई कहता है वह काफी पिछड़ गया है<br />और फिर भागने लगता है पहले से भागते लोगों से ज्यादा तेज<br />उसी दाँव-पेंच की घुड़-दौड़ में<br />कोई कहता है वह और सामाजिक होना चाहता है<br />और दूसरे दिन वह सबसे ज्यादा बाजारू हो जाता है<br />कोई कहता है बड़ी मुश्किल है<br />सरल होने में<br /><br />इस तरह इस दुनिया के सबसे विरल लोग<br />इस दुनिया को बनाने में<br />कम करते जाते हैं अपना योग<br />और भी दुर्लभ हो जाते हैं<br />दुनिया के दुर्लभ लोग<br /><br />और कभी-कभी<br />खुद के भी काँपने लगते हैं पैर<br />मनुष्यता के मोर्चे पर<br />अकेले होते हुए<br /><br />सबसे पीड़ाजनक यही है<br />इन विरल लोगों का<br />और विरल होते जाना<br /><br />एक छोटा-सा टापू है मेरा सुख<br />जो घिर रहा है हर ओर<br />उफनती हुई बाढ़ से<br /><br />जिस समय काँप रही है यह पृथ्वी<br />मनुष्यो की संख्या के भार से<br />गायब हो रहे हैं<br />मनुष्यता के मोर्चे पर लड़ते हुए लोग ।<br />- राजेन्द्र राजन .Aflatoonhttp://www.blogger.com/profile/08027328950261133052noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-36899245.post-80657925872896347572006-12-31T20:56:00.000+05:302006-12-31T20:56:00.000+05:30नव वर्ष की बहुत शुभकामनाएंनव वर्ष की बहुत शुभकामनाएंsurhttp://www.blogger.com/profile/10030521233866722917noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-36899245.post-19173118633627485132006-12-31T07:47:00.000+05:302006-12-31T07:47:00.000+05:30आपको भी नव वर्ष की ढ़ेरों मंगलकामनायें.आपको भी नव वर्ष की ढ़ेरों मंगलकामनायें.Udan Tashtarihttp://www.blogger.com/profile/06057252073193171933noreply@blogger.com